नेता नहीं जनसेवक थे देवराजसिंह किरार

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गजेन्द्र वर्मा शिवपुरी:- पुण्य स्मरण–  देवराज सिंह किरार एक ऐसा नाम था जो भिंड से लेकर ग्वालियर और फिर ग्वालियर से लेकर पोहरी ,हर एक व्यक्ति फिर चाहे वो बच्चा हो,जवान हो या फिर बुजुर्ग हर किसी की जुबान पर एक ही नाम था देवराज सिंह किरार । देवराज सिंह किरार ने जनसेवा को राजनीति नहीं बल्कि राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया था । वे मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव थे ।
भिंड के प्रतिष्ठित परिवार में श्री करन सिंह किरार ( ठेकेदार जल संसाधन विभाग एवं रेलवे ) के घर मे जन्मे देवराज का एक ही सपना था लोगो की सेवा ,सेवा और सिर्फ सेवा । पोहरी क्षेत्र में उनका नाम हर किसी जुबान पर देवराज दादा के नाम से था । उन्होंने कभी जातिगत आधार पर व्यवहार नहीं रखे । वे हमेशा ही लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहते थे । अपनी संतान को आगे बढ़ाने में माता पिता और परिजनों का हाथ होता है लेकिन उनके जानकर बताते हैं कि 2003 में अपने ताऊ  को किरार समाज का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने में उनकी अहम भूमिका थी और एक पिता तुल्य ताऊ को आगे बढ़ाने में अपने कर्तव्य का निर्वहन किया । अत्यंत सौम्य, सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी ऐसे देवराज का आकस्मिक निधन आज ही के दिन 13 वर्ष पूर्व हो गया था ।
परिवार ने अपना बेटा खोया था तो समाज ने अपना अनमोल रत्न इतना ही नहीं पोहरी की जनता ने अपना ऐसा सेवक खो दिया था जो आने वाले भविष्य का जन नायक था और जन सेवक बनकर जनता की सेवा करता ।
वर्तमान में उनके दिवंगत पश्चात उनकी बहिन डॉ सलोनी सिंह धाकड़ उनके कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहीं हैं । वे स्व. देवराज सिंह किरार स्मृति सेवा संस्थान के माध्यम से उनके सेवा क्षेत्र पोहरी में विगत 10 वर्षों से सेवा कार्य कर रही हैं ।

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